आलोचनाओं से ले जीवन में सीख








कई बार ऐसा होता है कि ऑफिस में पर्फॉर्मेंस अच्छा नहीं होने पर बस आपकी आलोचना करते हैं लेकिन आलोचना को दिल पर लेने की वजह परफॉर्मेंस को बेहतर बनाने पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए
क्या आपको याद है कि पहली बार आपकी अच्छी तरह आलोचना कब हुई थी यह शायद ही स्कूल में हुआ हो या नौकरी में किसी गलत कदम पर आप जिसे मुर्ख समझते रहे हो तब ऐसे व्यक्ति को भी आप पर हंसने का मौका मिला होगा हो सकता है कि कॉलेज में आपका कोई ऐसा दोस्त रहा है जो हर समय आपकी आलोचना करता हो ऐसे दोस्त से आप हमेशा ही परेशान रहे होंगे कई बार आप रेस्ट भी कर जाते रहे होंगे कॉलेज लाइफ में तो इससे बहुत फर्क नहीं पड़ने वाला था लेकिन नौकरी के दौरान आपके लिए ऐसा करना नुकसान देह हो सकता है प्रोफेशनल लाइफ में आपको यह सीखना होगा की आलोचना पर भी शांत कैसे रहे और उसे किस तरह से सीख लें सच तो यह है कि ज्यादातर लोग स्वभाविक रुप से आलोचना को बर्दाश्त नहीं कर पाते हैं

आलोचना को कैसे करे स्वीकार ।
आप आलोचना के डर से अक्सर अपने सीनियर काली की आंखों से अपने काम के बारे में ज्यादा बात नहीं करते क्या सही रवैया नहीं है आप काम के बारे में अपने बहुत से रेगुलर फीडबैक लेते रहें अपने काम के संतोषजनक होने को लेकर आप मुझ पर विश्वास ना करें आलोचना सुनना या गलत काम के लिए डांस सुनना पहले थोड़ा  असुविधाजनक लग सकता है लेकिन धीरे-धीरे आप को इसके लिए अभ्यास हो जाएगा और यह आपके कैरियर के लिए पॉजिटिव ही रहेगा
आप की प्रक्रिया सही हो ।
आप इस पर तो नियंत्रण नहीं कर सकते कि कब आपसे आलोचना हो जाए या किस तरह से कोई आपकी आलोचना करना चाहता है लेकिन आप अपनी प्रतिक्रिया पर नियंत्रण जरूर कर सकते हैं आलोचना करने पर क्या आपको अपने कान बंद कर लेनी चाहिए या गुनगुनाना शुरू कर देना चाहिए जी नहीं आपको ध्यान से सुनना चाहिए कि आपके लिए क्या कहा जा रहा है आप यदि अपने को मुश्किल स्थिति में पाते हैं तो बाद में बॉस या सकर्मियों से चाय कॉफी के साथ इस पर चर्चा जरूर कर लें
बचाव की कोशिश ना करें ।
जब कोई बॉस आपकी आलोचना करें तो यह समझ लीजिए कि वह यह नहीं चाहता कि आप अपना बचाव करें वह चाहता है कि आप चुपचाप सुने कि वह आपके बारे में क्या कह रहा है वह किसी काम में नुक्स निकालता है तो आप कहे कि आगे से इस में सुधार करने की कोशिश करेंगे