क्षमता बढ़ा कर भगाएं दर

दूसरों को कामयाब होते देख आप भी बड़े सपने के लिए प्रेरित हो जाते हैं पर जब उसे पाने के लिए कठिन डगर पर चलने की बारी आती है तो आपको भीतर ही भीतर डर भी लगने लगता है आप में से कई लोग जिस डर को अपने करीबियों से साझा करके उस उलझन से मुक्त होने का प्रयास करते हैं पर कई इसमें झिझकते हैं आप अपनी मंजिल को पाने के लिए अच्छा अवसर को जरूर बखूबी समझते हैं और आप खुद के सामर्थ्य
पाने का  भरोसा करते हैं तो समय रहते अपनी क्षमता को बढ़ाकर अपने मन के डर को तनाव को दूर भगा सकते हैं अपनी क्षमता बढ़ा कर कॉन्फिडेंस के साथ जिंदगी में आगे बढ़ सकते हैं ।

चुनोतियों को करें काबू ।

अगर आपको भी आगे बढ़ते हुए कोई डर सता रहा है तो एक बार शांति के साथ बैठकर यह आकलन करें कि आखिर आप के डर का कारण क्या है वह क्यों आपको परेशान कर रहा है किसी भी लक्ष्य ओर बढ़ने से पहले यह जरुर देखें कि इसके लिए किन-किन मूलभूत चीजों की जरूरत आपको है क्योंकि सिर्फ सपने देख लेने भर से वह पूरा नहीं हो सकता अपनी क्षमताओं का ईमानदारी से आकलन करें कहां क्या कमी है उसे जानने का प्रयत्न करें कहीं भी  कोई कमजोरी दिख रही है तो उसे हार मानने की वजह उसे दूर करने का कोशिश करें ऐसी कोई भी कमजोरी नहीं जिसे दूर न किया जा सके

बढ़ाएं सामर्थ इमानदारी के साथ ।











हो सकता है कि कभी आपको यह लगता हो कि आपकी वर्तमान योग्यता जीस स्तर की है उसके साथ आप अपने लक्ष्य की और आसानी से नहीं बढ़ सकते इसके बावजूद अगर आप हार मान कर अपने लक्ष्य से समझौता नहीं करना चाहते तो फिर एक ही उपाय है आपको अपनी क्षमता या सामर्थ के अंतर को बढ़ाना होगा इसके लिए नालेज को अपडेट करने और कौन तैयारी करने के लिए पहले से अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है हो सकता है कि इसके लिए महीनों सालों अथक मेहनत करनी पड़े यह चुनौती धैर्य के साथ साथ उत्साह को भी बनाए रखने की जरूरत भी होगी

कैसे मानसिक मजबूती बनाए रखें ।

आपने देखा होगा कि हाल में विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप के फाइनल में स्पेन की कैरोलिना मारिन से हारने के बाद भारत की साइना नेहवाल ने ईमानदारी से गलती स्वीकार किया कि इस मैच में मैं मानसिक मजबूती कायम न रख पाने के कारण ही अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर सकी और इस वजह से कई गलतियां की  दरसल मैदान में खेल रहे खिलाड़ी को ही यह पता होता है कि वह तन और मन से प्रयास कर पा रहा है या नहीं अगर वह शारीरिक के साथ साथ मानसिक रूप से भी मजबूती दिखा पा रहा है तभी उसका जीवन सुनिश्चित हो पाता है इसलिए अगर आपको भी कामयाबी की ओर बढ़ना है तो खुद को मानसिक रूप से मजबूत बनना होगा

आलोचनाओं से ले जीवन में सीख








कई बार ऐसा होता है कि ऑफिस में पर्फॉर्मेंस अच्छा नहीं होने पर बस आपकी आलोचना करते हैं लेकिन आलोचना को दिल पर लेने की वजह परफॉर्मेंस को बेहतर बनाने पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए
क्या आपको याद है कि पहली बार आपकी अच्छी तरह आलोचना कब हुई थी यह शायद ही स्कूल में हुआ हो या नौकरी में किसी गलत कदम पर आप जिसे मुर्ख समझते रहे हो तब ऐसे व्यक्ति को भी आप पर हंसने का मौका मिला होगा हो सकता है कि कॉलेज में आपका कोई ऐसा दोस्त रहा है जो हर समय आपकी आलोचना करता हो ऐसे दोस्त से आप हमेशा ही परेशान रहे होंगे कई बार आप रेस्ट भी कर जाते रहे होंगे कॉलेज लाइफ में तो इससे बहुत फर्क नहीं पड़ने वाला था लेकिन नौकरी के दौरान आपके लिए ऐसा करना नुकसान देह हो सकता है प्रोफेशनल लाइफ में आपको यह सीखना होगा की आलोचना पर भी शांत कैसे रहे और उसे किस तरह से सीख लें सच तो यह है कि ज्यादातर लोग स्वभाविक रुप से आलोचना को बर्दाश्त नहीं कर पाते हैं

आलोचना को कैसे करे स्वीकार ।
आप आलोचना के डर से अक्सर अपने सीनियर काली की आंखों से अपने काम के बारे में ज्यादा बात नहीं करते क्या सही रवैया नहीं है आप काम के बारे में अपने बहुत से रेगुलर फीडबैक लेते रहें अपने काम के संतोषजनक होने को लेकर आप मुझ पर विश्वास ना करें आलोचना सुनना या गलत काम के लिए डांस सुनना पहले थोड़ा  असुविधाजनक लग सकता है लेकिन धीरे-धीरे आप को इसके लिए अभ्यास हो जाएगा और यह आपके कैरियर के लिए पॉजिटिव ही रहेगा
आप की प्रक्रिया सही हो ।
आप इस पर तो नियंत्रण नहीं कर सकते कि कब आपसे आलोचना हो जाए या किस तरह से कोई आपकी आलोचना करना चाहता है लेकिन आप अपनी प्रतिक्रिया पर नियंत्रण जरूर कर सकते हैं आलोचना करने पर क्या आपको अपने कान बंद कर लेनी चाहिए या गुनगुनाना शुरू कर देना चाहिए जी नहीं आपको ध्यान से सुनना चाहिए कि आपके लिए क्या कहा जा रहा है आप यदि अपने को मुश्किल स्थिति में पाते हैं तो बाद में बॉस या सकर्मियों से चाय कॉफी के साथ इस पर चर्चा जरूर कर लें
बचाव की कोशिश ना करें ।
जब कोई बॉस आपकी आलोचना करें तो यह समझ लीजिए कि वह यह नहीं चाहता कि आप अपना बचाव करें वह चाहता है कि आप चुपचाप सुने कि वह आपके बारे में क्या कह रहा है वह किसी काम में नुक्स निकालता है तो आप कहे कि आगे से इस में सुधार करने की कोशिश करेंगे

डॉ० एपीजे अब्दुल कलाम की चन्द लाईनें
















डॉ० एपीजे अब्दुल कलाम की चन्द लाईनें जो हमे जीवन में हमेशा याद रखनी चाहिए। और हो सके तो उसे
अमल भी करना चाहिये।
1. जिदंगी मे कभी भी किसी को
      बेकार मत समझना,क्योक़ि
        बंद पडी घडी भी दिन में
          दो बार सही समय बताती है।

2. किसी की बुराई तलाश करने
      वाले इंसान की मिसाल उस
       मक्खी की तरह है जो सारे
         खूबसूरत जिस्म को छोडकर
           केवल जख्म पर ही बैठती है।

3. टूट जाता है गरीबी मे
      वो रिश्ता जो खास होता है,
        हजारो यार बनते है
          जब पैसा पास होता है।

4. मुस्करा कर देखो तो
      सारा जहाॅ रंगीन है,
        वर्ना भीगी पलको
          से तो आईना भी
             धुधंला नजर आता है।

5..जल्द मिलने वाली चीजे
      ज्यादा दिन तक नही चलती,
        और जो चीजे ज्यादा
           दिन तक चलती है
             वो जल्दी नही मिलती।

6. बुरे दिनो का एक
      अच्छा फायदा
         अच्छे-अच्छे दोस्त
            परखे जाते है।

7. बीमारी खरगोश की तरह
      आती है और कछुए की तरह
        जाती है;
          जबकि पैसा कछुए की तरह
             आता है और.खरगोश की
                तरह जाता है।

8. छोटी छोटी बातो मे
      आनंद खोजना चाहिए
        क्योकि बङी बङी तो
          जीवन मे कुछ ही होती है।

9. ईश्वर से कुछ मांगने पर
      न मिले तो उससे नाराज
        ना होना क्योकि ईश्वर
           वह नही देता जो आपको
             अच्छा लगता है बल्कि
             वह देता है जो आपके लिए
                    अच्छा होता है

10. लगातार हो रही
        असफलताओ से निराश
           नही होना चाहिए क्योक़ि
           कभी-कभी गुच्छे की आखिरी
           चाबी भी ताला खोल देती है।

11. ये सोच है हम इसांनो की
        कि एक अकेला
          क्या कर सकता है
             पर देख जरा उस सूरज को
           वो अकेला ही तो चमकता है।

12. रिश्ते चाहे कितने ही बुरे हो
        उन्हे तोङना मत क्योकि
          पानी चाहे कितना भी गंदा हो
           अगर प्यास नही बुझा सकता
              वो आग तो बुझा सकता है।

13. अब वफा की उम्मीद भी
         किस से करे भला
            मिटटी के बने लोग
               कागजो मे बिक जाते है।

14. इंसान की तरह बोलना
         न आये तो जानवर की तरह
             मौन रहना अच्छा है।

15. जब हम बोलना
         नही जानते थे तो
           हमारे बोले बिना'माँ'
      हमारी बातो को समझ जाती थी।
            और आज हम हर बात पर
                 कहते है छोङो भी 'माँ'
                  आप नही समझोंगी।

16. शुक्र गुजार हूँ
        उन तमाम लोगो का
           जिन्होने बुरे वक्त मे
              मेरा साथ छोङ दिया
                 क्योकि उन्हे भरोसा था
                    कि मै मुसीबतो से
              अकेले ही निपट सकता हूँ।

17. शर्म की अमीरी से
         इज्जत की गरीबी अच्छी है।

18. जिदंगी मे उतार चङाव
         का आना बहुत जरुरी है
          क्योकि ECG मे सीधी लाईन
            का मतलब मौत ही होता है।

19. रिश्ते आजकल रोटी
         की तरह हो गए है
            जरा सी आंच तेज क्या हुई
            जल भुनकर खाक हो जाते।

20. जिदंगी मे अच्छे लोगो की
        तलाश मत करो
          खुद अच्छे बन जाओ
            आपसे मिलकर शायद
               किसी की तालाश पूरी हो।